ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं. मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें। * ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं। तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय https://baglamukhishabarmantra65320.bloginwi.com/73066248/a-simple-key-for-ke-saath-hi-kriya-hoti-hai-unveiled